जिसे विश्वास नहीं तेरा हनुमान

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

जिसे विश्वास नहीं तेरा हनुमान,

उसको शरण नहीं लेते श्रीराम,

राम ही राम बस राम ही राम,

आगे आगे राम, तेरे पीछे पीछे राम,

राम ही राम बस राम ही राम,

आगे आगे राम, तेरे पीछे पीछे राम,

राम के दीवाने तेरी सच्ची है लगन,

राम के भजन में तू रहता मगन,

तेरे जैसा भगत श्रीराम का नहीं,

राम के सिवा किसी को मानता नहीं,

राम ही राम बस राम ही राम,

जिसे विश्वास नहीं तेरा हनुमान,

उसको शरण नहीं लेते श्रीराम,

राम ही राम बस राम ही राम,

रात दिन सेवा करे श्रीराम की,

लाल तुझे मानती थी मात जानकी,

माँ ने वरदान दियां खुश हो गया,

भगतों में भगत शिरोमणि हो गया,

राम ही राम बस राम ही राम

जिसे विश्वास नहीं तेरा हनुमान,

उसको शरण नहीं लेते श्रीराम,

राम ही राम बस राम ही राम,

दुनियाँ में है नहीं ऐसा कोई काम,

जिसे कर पाये नहीं मेरे हनुमान,

जिसे विश्वास नहीं तेरा हनुमान,

उसको शरण नहीं लेते श्रीराम,

राम ही राम बस राम ही राम

जिसे विश्वास नहीं तेरा हनुमान,

उसको शरण नहीं लेते श्रीराम,

राम ही राम बस राम ही राम,

पंडित देव शर्मा

श्री दुर्गा संकीर्तन मंडल

रानियां सिरसा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।