मुझे कौन जानता था तेरी बंदगी से पहले

अलका गोएल
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मुझे कौन जानता था तेरी बंदगी से पहले,

मैं भुजा हुआ दिया था तेरी बंदगी से पहले,

मैं तो खाख था जरा सी,

मेरी और क्या थी हस्ती,

मैं थपेड़े खा रहा था तूफ़ान में जैसे कश्ती,

दर दर भटक रहा था तेरी बंदगी से पहले,

मैं था इस तरह जहां में जैसे खाली सीप होती,

मेरी बड गई है कीमत तूने भर दिए है मोती,

मेरा कौन आसरा था तेरी बंदगी से पहले,

है जहां में मेरे लाखो पर तेरे जैसा कौन होगा,

जैसा तू बन्दा पल्वर भला एसा कौन होगा,

मैं तुझे ही ढूंड ता हु तेरी बंदगी से पहले,

तू जो मेहरबान हुआ है तो जहां भी मेहरबाण है,

ये ज़मीन मेहरबान है आसमान भी मेहरबान है,

ना ये गीत ये बला था तेरी बंदगी से पहले,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।