गणपति देव बड़ा बलवान

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

सूंड़ सून्डाला दूँद दूँदाला, मस्तक मोटा कान,

गणपति देव बड़ा बलवान ,

जो गणपति को प्रथम मनाता, उसका सारा दुःख मिट जाता,

रिद्धि सिद्धि सुख सम्पत्ति पाता, भव से बेडा पार उतरता,

मेरी नैया पार करो,मैं तेरा लगाऊँ ध्यान,

गणपति देव बड़ा बलवान ...

पार्वती के पुत्र हो प्यारे, सारे जग के तुम रखवारे,

भोलेनाथ है पिता तुम्हारे, सूर्य चन्द्रमा मस्तक धारे,

मेरे सारे दुःख मिट जावे, देवो यही वरदान,

गणपति देव बड़ा बलवान......

रिद्धि सिद्धि तेरे संग में सोहे, मूस सवारी मन को मोहे,

तेरी दया जिस पर हो जाये, उसका दुःख सुख में मिल जाये,

माला जपूँ मैं तेरी गणपति, करूँ तेरा गुणगान,

गणपति देव बड़ा बलवान ......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।