शिव शंकर की देख छटा

पारंपरिक
महादेव भजन कृष्ण भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

शिव शंकर की देख छटा मेरा मन हो गया लटा पटा

एक हाथ में डमरू साजे,एक हाथ त्रिशूल साजे

अरे माथे पे चन्दा आधा कटा

मेरा मन हो गया लटा पटा

शिव........

तन पर रमाये भसम बबुती,औगन नाथ रुदर अब्दुती

अरे जटा झुट लट कैसे घटा

मेरा मन हो गया लटा पटा

शिव........

एक गले नाग सोहे,शीश पे गंगा मन को मोहे

तन पे रहे बागम्बर घटा

मेरा मन हो गया लटा पटा

शिव.........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।