कृष्णम वन्दे नन्द कुमारं

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कृष्णम वन्दे नन्द कुमारं

राधा वल्लभं, नवनीत चोरं

मुरलीधर सुकुमार शरीरं

गोपी वल्लभ नन्द किशोरं

रामं वन्दे दशरथ तनयं

सीता वल्लभ रघुकुल तिलकं

कौशलया सुत्त, लक्ष्मण भरतम

हनुमत प्रणाम कोदंड रामं

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।