॥ पावन पाठ ॥
मेरी डारी रे मटकिया फोड यशोदा तेरे लाला ने,
रोके राह करे बरजोरी मटकी मेरी फोडी,
मेरी उंगली दई मरोड यशोदा तेरे लाला ने,
मेरी डारी.......
सिर पर मेरे दही की मटकी चुनर मेरी झटकी,
मोको डारी के पकड झट जोर यशोदा तेरे लाला ने,
मेरी डारी........
बैठो श्याम कदम के छैया पकड़ी मोरी बैया,
मेरी चुड़ी दई उसने तोड यशोदा तेरे लाला ने,
मेरी डारी........