बांके बिहारी लाल तेरी जय हॉवे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बांके बिहारी लाल तेरी जय हॉवे,

भक्तन के रखवाल तेरी जय हॉवे,

जय हॉवे तेरी जय हॉवे तेरी जय हॉवे,

बांके बिहारी लाल तेरी जय हॉवे

चारो वेद तेरो यश गावे नेती नेती सदा पुकारे,

फिर भी ना पावे पार तेरी जय हॉवे,

तेरी जय हॉवे तेरी जय हॉवे तेरी जय हॉवे,

बांके बिहारी लाल तेरी जय हॉवे ....

दुःख संकट के तुम रखवाले भक्तन की आँखों के तारे,

दूर करो अन्धकार तेरी जय हॉवे,

तेरी जय हॉवे तेरी जय हॉवे तेरी जय हॉवे,

बांके बिहारी लाल तेरी जय हॉवे ....

हम दुखयारी तेरे द्वारे रेन दिना यहाँ बिना पुकारे,

करे भव सागर से पार तेरी जय हॉवे,

तेरी जय हॉवे तेरी जय हॉवे तेरी जय हॉवे,

बांके बिहारी लाल तेरी जय हॉवे ....

हम पागल है दुनिया वाले स्वार्थ के है सब मतवाले,

अब तो आकर थाम तेरी जय हॉवे,

तेरी जय हॉवे तेरी जय हॉवे तेरी जय हॉवे,

बांके बिहारी लाल तेरी जय हॉवे ....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।