पार करेंगे नैया भज कृष्ण कन्हैया

पूज्य कृष्ण चन्द्र शास्त्री (ठाकुर जी)
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

पार करेंगे नैया भज कृष्ण कन्हैया

निस दिन भज गोपाल प्यारे,

मोर मुकुट पीतांबर वारे ।

भगतो के रखवैया, भज कृष्ण कन्हैया ॥

पार करेंगे नैया...

स्वास स्वांस भज नन्द दुलारे,

वो ही बिगड़े काज सवारे ।

नटवर चतुर रिझईया, भज कृष्ण कन्हैया ॥

पार करेंगे नैया...

ग्वाल बाल संग धेनु रचावे,

लूट लूट दधी माखन खावे ।

चमत्कार करवैया, भज कृष्ण कन्हैया ॥

पार करेंगे नैया...

नरसी जी ने टेर लगायी,

सावल शाह नहीं देर लगायी ।

ऐसे भात भरिया, भज कृष्ण कन्हैया ॥

पार करेंगे नैया...

संकट से प्रह्लाद उभारो,

संकट से हम को भी उभारो ।

खम्ब फाड़ हरिण्यकश्पू मारो,

नरसिह रूप धरैया, भज कृष्ण कन्हैया ॥

पार करेंगे नैया...

अबला को देवे शरण ना कोई,

भरी सभा में द्रोपती रोई ।

पहुंचे चीर बढ़िया, भज कृष्ण कन्हैया ॥

पार करेंगे नैया...

द्रुपत सुता दुष्टो ने घेरी,

आए नाथ करी ना देरी ।

तुरत लगायी चीर की ढ़ेरी,

भगतन के दुःख हरिया, भज कृष्ण कन्हैया ॥

पार करेंगे नैया...

विप्र सुदामा चावल लाए,

प्रेम सेहत हरी भोग लगाए ।

दिन सुदामा गले लगाए,

कह कर भैया भैया, भज कृष्ण कन्हैया ॥

पार करेंगे नैया...

वन में एक शीला थी भरी,

चरण छुवाय अहिल्या तारी ।

ऐसे भई बैकुंठ पठाइया, भज कृष्ण कन्हैया ॥

पार करेंगे नैया...

दीनानाथ सरब हितकारी,

संकट मोचन कृष्ण मुरारी ।

भगत जनो का रखवैया, भज कृष्ण कन्हैया ॥

पार करेंगे नैया...

बाल कृष्ण गोपाल हमारो,

बृज वासिन को प्राण पयारो ।

बृज गोपिन को हृदय दुलारो,

नन्द महल को छैया, भज कृष्ण कन्हैया ॥

पार करेंगे नैया...

मीरा कहे प्रभु गिरिधर नागर,

सूर कहे मेरा नटवर नागर ।

दास कहे मेरा नटवर नागर,

घट घट वास करिया, भज कृष्ण कन्हैया ॥

पार करेंगे नैया...

अर्जुन के रथ हाकन वारे,

यशोदा जी के प्राण प्यारे ।

मन हर मुरली बजईया, भज कृष्ण कन्हैया ॥

पार करेंगे नैया...

गोपिन के संग रास रचायो,

काम देव याने मार भगाओ ।

कलियन नाग नचैया, भज कृष्ण कन्हैया ॥

पार करेंगे नैया...

गज और ग्राह लड़े जल भीतर,

गज की टेर सुनी मेरे नटवर ।

गज के फंद छुड़ैया, भज कृष्ण कन्हैया ॥

पार करेंगे नैया...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।