श्याम तेरे रंग में ही रंग न है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दुनिया में लाखो रंग कोई न मन भाया,

सबसे ये सोहना रंग ये श्याम राज आया,

इस प्रेम रंग को पावे,

वो झूमे नाचे गावे आजा चले मेरे श्याम की नगरियां,

श्याम तेरे रंग में ही रंग न है हम को खाटू वाले श्याम रंग बरसा हो,

श्याम तेरे रंग में ही रंग न है हम को ,

दर्शन जो पाने बाबा तेरे दर पे आया,

नाम की लगन बाबा तेरी जो लगाया,

श्याम नाम ही गावे और लगन नाम की लगावे,

अरे कट जावे पाप की गठरियाँ,

श्याम तेरे रंग में ही रंग न है हम को....

मेरे सरकार हम तेरी महिमा गये,

तेरे दरबार आके दर्शन तेरा पाये,

जो दर्शन तेरा पावे वो अपना भाग जगावे,

आजा चले मेरे श्याम की नगरिया,

श्याम तेरे रंग में ही रंग न है हम को खाटू वाले श्याम रंग बरसा हो,

मन करे आखियो में श्याम वसाउ,

देखु न जग में कोई और न लुभाउ,

राधा के जैसे श्याम प्रीत निभाऊ,

मीरा के जैसे तेरी जोगन बन जाऊ,

तू दर पे आज भुलाले मेरी बिगड़ी बात बना दे आया चल के मैं श्याम की नगरियां,

श्याम तेरे रंग में ही रंग न है हम को खाटू वाले श्याम रंग बरसा हो,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।