किशोरी इतना तो कीजो

गोविन्द भार्गव
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

किशोरी इतना तो कीजो, लाड़ली इतना तो कीजो,

जग जंजाल छुड़ाए वास बरसाने को दीजो ।

भोर होत महलन में थारे सेवा में निस जाऊं,

मंगला के नित्त दर्शन पाऊं, जीवन सफल बनाऊं ।

किशोरी मोहे सेवा में लीजो, लाड़ली सेवा में लीजो,

जग जंजाल छुड़ाए वास बरसाने को दीजो ॥

पड़ी रहूँ मैं द्वार तिहारे, रसिकन दर्शन पाऊं,

भगतन की पद धूलि मिले तो अपने सीस चढाउँ ।

किशोरी मोहे द्वारे रख लीजो, लाड़ली द्वारे रख लीजो,

जग जंजाल छुड़ाए वास बरसाने को दीजो ॥

भूख लगे तो ब्रजवासिन के टूक मांग के खाऊं,

कभू प्रसादी श्री महलन की कृपा होए तो पाऊं ।

किशोरी मेरी विनय मान लीजो, लाडली विनय मान लीजो,

जग जंजाल छुड़ाए वास बरसाने को दीजो ॥

राधे राधे रटूं निरंतर तेरे ही गुण गाऊं,

तेरे ही गुण गाय गाय मैं तेरी ही होय जाऊं ।

किशोरी मोहे अपनी कर लीजो, लाड़ली अपनी कर लीजो,

जग जंजाल छुड़ाए वास बरसाने को दीजो ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।