दीन दुखी निर्वल निर्धन का श्याम सहारा है,

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दीन दुखी निर्वल निर्धन का श्याम सहारा है,

खाटू श्याम हमारा है,

श्याम है शीश का दानी शयम की अमर कहानी,

बेसहारो का सहारा दया का है वरदानी,

सब धामों में धाम ये खाटू हम को प्यारा है ,

श्याम की महिमा भारी,आती है दुनिया सारी,

श्याम नगरी खाटू की सारी दुनिया से न्यारी,

बिगड़े काम बने जबसे मैंने श्याम सवारा है,

खाटू श्याम हमारा है,

श्याम का मेला लगता भाग सोया भी जगता,

श्याम का दर्शन करके कष्ट पल भर में भगता,

मधुर मधुर नैनो से मैंने श्याम निहारा है,

खाटू श्याम हमारा है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।