पलके ही पलके बिछायेगे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

पलके ही पलके बिछायेगे जिस दिन श्याम प्यारे घर आएंगे,

हम तो है कान्हा के जन्मो से दीवाने भी मीठे मीठे भजन सुनाएंगे,

जिस दिन श्याम प्यारे घर आएंगे,

घर का कोना कोना मैंने फूलो से सजाया,

बंधनवार बंधाई घी का दीप जलाया,

प्रेमी जनो का भुलायेंगे,

जिस दिन श्याम प्यारे घर आएंगे,

गंगा जल की झारी प्रभु के चरण पखारू,

भोग लगाओ लाड लडाऊ आरती उतारू,

खुशबु ही खुशबु उड़ाए गे,

जिस दिन श्याम प्यारे घर आएंगे,

अब तो इक लगन है मोहन प्रेम सुधा बरसादे,

जन्म जन्म की मैली चादर अपने रंग रंगा दे,

जीवन को जीवन बनायेगे,

जिस दिन श्याम प्यारे घर आएंगे,

नटवर नगर नन्द का लाला मुरली मधुर भजावे,

नंदू प्रेमी नाच नाच के गिरधर को रिजावे,

नैनो से नैना मिलाये गे,

जिस दिन श्याम प्यारे घर आएंगे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।