आज मंगलवार है महावीर का वार है

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

आज मंगलवार है, महावीर का वार है, यह सच्चा दरबार है ।

सच्चे मन से जो कोई धयावे, उसका बेडा पार है ॥

चेत सुति पूनम मंगल का जनम वीर ने पाया है,

लाल लंगोट गदा हाथ में सर पर मुकुट सजाया है ।

शंकर का अवतार है, महावीर का वार है,

सच्चे मन से जो कोई धयावे, उसका बेडा पार है ॥

ब्रह्मा जी के ब्रह्म ज्ञान का बल भी तुमने पाया है,

राम काज शिव शंकर ने वानर का रूप धारिया है ।

लीला अप्रम पार है, महावीर का वार है,

सच्चे मन से जो कोई धयावे, उसका बेडा पार है ॥

बाला पन में महावीर ने हरदम ध्यान लगाया है,

श्रम दिया ऋषिओं ने तुमको ब्रह्म ध्यान लगाया है ।

राम रामाधार है, महावीर का वार है,

सच्चे मन से जो कोई धयावे, उसका बेडा पार है ॥

राम जनम हुआ अयोध्या में कैसा नाच नचाया है,

कहा राम ने लक्ष्मण से यह वानर मन को भाया है ।

राम चरण से प्यार है, महावीर का वार है,

सच्चे मन से जो कोई धयावे, उसका बेडा पार है ॥

पचवटी से माता को जब रावण लेकर आया है,

लंका में जाकर तुमने माता का पता लगाया है ।

अक्षय को मारा है, महावीर का वार है,

सच्चे मन से जो कोई धयावे, उसका बेडा पार है ॥

मेघनाथ ने ब्रह्मपाश में तुमको आन फसाया है,

ब्रह्मपाश में फस कर के ब्रह्मा का मान बढ़ाया है ।

बजरंगी वाकी मार है, महावीर का वार है,

सच्चे मन से जो कोई धयावे, उसका बेडा पार है ॥

लंका जलायी आपने जब रावण भी घबराया है,

श्री राम लखन को आकर माँ का सन्देश सुनाया है ।

सीता शोक अपार है, महावीर का वार है,

सच्चे मन से जो कोई धयावे, उसका बेडा पार है ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।