जब से आया मै दर पे तुम्हारे

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

जब से आया मै दर पे तुम्हारे,

दुःख कट गये है जीवन के सारे,

जब से आया मै दर पे तुम्हारे,

तेरे अर्पण है जीवन ये सारा,

मेरे सिर पे है करजा तुम्हारा बाबा जी लूँगा तेरे सहारे,

जब से आया मै दर पे तुम्हारे...

मेरा तू ही है भाग्यविध्याता बाबा तेरा दिया ही मैं खाता,

बड़े अच्छे चले है गुजारे,

जब से आया मै दर पे तुम्हारे,

अपने चरणों का दे कर सहारा,

मुझ दुखिया को दुःख से उबारा,

बाबा सारे ही काज सवारे,

जब से आया मै दर पे तुम्हारे,

तेरी भक्ति का है सारदाना,

सुरिंदर वे नीतू ने माना विजय ऍम जी में धूम मचाये,

जब से आया मै दर पे तुम्हारे,

दुःख कट गये है जीवन के सारे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।