कृष्ण की कृपा का कोई जवाब है नहीं

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कृष्ण की कृपा का कोई जवाब है नहीं,

वो कब दे और क्या दे, कोई हिसाब है नहीं,

कुछ भी तो नहीं मांगा था, दीन सुदामा ने,

राजी सदा वो रहता था, तेरी हर रजा में,

ऐसे बनाये महल त्रेलोक में कहीं नहीं,

वो कब दे और क्या दे,कोई हिसाब है नहीं,

कृष्ण की कृपा का..

भक्ति के वश में क्या क्या नहीं श्याम किया तुमने,

कपड़े धोये, चक्की फेरी, थामी लगाम तुमने,

करते हो ऐसी सेवा, गुलाम वो कहीं नहीं,

वो कब दे और क्या दे,कोई हिसाब है नहीं,

कृष्ण की कृपा का..

गिरधर गोपाल कहकर मीरा ने पिया प्याला,

तुमने भी कैसे विष को अमृत ही बना डाला,

करते हो ऐसा जादू सरकार वो कहीं नहीं,

वो कब दे और क्या दे,कोई हिसाब है नहीं,

कृष्ण की कृपा का, कोई जवाब है नहीं..

BHAJAN BY :

श्रध्देय बलराम जी उदासीन

बिलासपुर (C. G.)

मोब. - 70004-92179

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।