श्याम को याद न आए

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्याम को याद न आए, चाहे श्याम को याद न आए ll

हमे तो खाटू जाना जी, बुलावा आए या न आए ll

प्रेम अगर सच्चा है भक्तो, जाओ बिना बुलाए

अपने क्यों शरमाए भक्तो, देख के वो शरमाए

हमे तो रिश्ता निभाना जी, बुलावा आए या न आए ll

हमे तो खाटू जाना जी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

जिन-जिनका आया बुलावा, वो है किस्मत वाले

बिना बुलाए जो हैं जाते, वो हैं भक्त निराले

हमे तो प्रेम बढ़ाना जी, बुलावा आए या न आए ll

हमे तो खाटू जाना जी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

बनवारी हम पूछ भी लेंगे, हम से बदल गए क्या

लाखों भक्तों के चक्क्र में, हम को भूल गए क्या

सब का एक ठिकाना जी, बुलावा आए या न आए ll

हमे तो खाटू जाना जी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

लाखों लाखों भक्त हैं इसके, शायद भूल भी जाएँ

दर पर जाकर भक्तो हम ही, श्याम को याद दिलाएँ

हमे तो याद दिलाना जी, बुलावा आए या न आए ll

हमे तो खाटू जाना जी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

धुन- नी मैं यार मनाना जी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।