अंत वेले सब तैनू छड़ जाणगे

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॥ पावन पाठ ॥

अंत वेले सब तैनू छड़ जाणगे,

करम तेरे सामने तेरे औणगे ।

पहनदा सैं तू पोशाका रेशमी,

घटिया जहि चादर तेरे ते पौनगे ।

करम तेरे...

उस समय पूछना किसे ने वार नहीं,

जिस घडी यम लैन तैनू औणगे ।

करम तेरे...

जिस कुटुमब दे विच्च रह्यो तू उम्र भर,

रात रखण तो वी ओह घबरोंगे ।

करम तेरे...

जिन्ना पुत्रा नु हत्थी पालिया,

अंत नु ओहो ही लाम्बू लौणगे ।

करम तेरे...

जिन्ना लयी करदा रहा तू ठगिआ,

तोड़के तिनके घर नु आउंगी ।

करम तेरे...

जिन्ना दे पल्ले नहीं तोशा नाम दा,

रस्ते विच ओह बैठके की खाएंगे ।

करम तेरे...

जिन्ना ने किती कमाई नाम दी,

अंत नू सतगुर प्यारे औणगे ।

करम तेरे...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।