इक तेरे भरोसे मैं रहना चाहूँ गिरधारी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

इक तेरे भरोसे मैं रहना चाहूं गिरधारी,

किरपा तेरी मिल जाए,

तेरे चरणों की बलिहारी,

इक तेरे भरोसे मैं रहना चाहूं गिरधारी.

ईक विनती करूं तुमसे,

अवगुण पे न ध्यान धरो,

मिट जाए वासना मेरी,

हृदय में प्रेम भरो,

नही क्लेश रहे मन में,

नहीं द्वेष रहे मन में,

किरपा तेरी मिल जाए.....

कभी मन के दरवाजे पे,

खुद ही तुम आया करो,

प्यासे को पानी की तरह,,

मुझको भी भाया करो,

प्राणों के भी प्राण हो,

भक्ति का वरदान दो,

किरपा तेरी मिल जाए.....

मेरी कामना है ये,

कामना कोई ना करूं ,

तेरा सब तुझको सौंप कर,

आनंद तेरा दरशन करूं,

ये दिल हो चुका है तेरा,

तू भी बन जा ना मेरा

किरपा तेरी मिल जाए.......

श्रधेय बलराम जी उदासी

बिलासपुर (C.G.)

098271-11399

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।