संतन के संग लाग रे तेरी भली बनेगी

संत कबीर
श्री राम भजन विविध भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

संतन के संग लाग रे, संतन के संग लाग रे,

तेरी भली बनेगी संतन के संग

हंसन की गति हंस हि जानै,

क्या जाने कोई काग रे ,

संतन के संग.......

संतन के संग पूर्ण कमाई,

होय बडो तेरे भाग रे,

संतन के संग......

ध्रुव की बनी प्रह्लाद की बन गई,

गुरू सुमिरन बैराग रे ,

संतन के संग.......

कहत कबीरा सुनो भाई साधो,

राम भजनमें लाग रे,

संतन के संग.........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।