आओगे जब तुम ओ सांवरे दिल के द्वार खुलेंगे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आओगे जब तुम ओ सांवरे, दिल के द्वार खुलेंगे,

आँखों में आंसू, आँखों में आंसू, इंतज़ार के ।

तुमसे कब हम मिलेंगे...

असुँअन से चरण पखारूँगा, दिल की नज़र से निहारूंगा ।

क्या मैं करूँ अर्पण तुझको, तन मन तुमपर वारूँगा ।

पूजा तेरी, जानू नहीं, कैसे करूँ,

आँखों में सपने, आँखों में सपने हैं दीदार के ॥

तुमसे कब हम मिलेंगे...

बाहों में झूला झुलाऊँगा, दरबार तेरा लगाउँगा ।

आसन नहीं है मखमल का पलकों पे तुझको बिठाऊंगा ।

सेवा तेरी, जानू नहीं, कैसे करूँ,

लब भी हैं सूखे, लब भी है सूखे, तुम्हे पुकार के ॥

तुमसे कब हम मिलेंगे...

सब तुम्हे फूलों से सजाते हैं, खुशबू से तुझे महकाते हैं

मेरे जैसे दीवाने तो भजनो से तुझे रिझाते हैं

दौलत मेरी, बस है यही, मेरे प्रभु,

‘सोनू’ सुनाये, ‘सोनू’ सुनाये गीत प्यार के ॥

तुमसे जब हम मिलेंगे...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।