मेरे जैसा भगत भी बाबा खोजेया नहीं मिलेगा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सब देवो ने माना बाबा जादू तेरा चलेगा,

कलयुग का तू देव निराला डंका तेरा बजेगा ।

माना सब देवों में बस एक तेरा राज चलेगा,

पर मेरे जैसा भगत भी बाबा खोजेया नहीं मिलेगा ॥

सोने चांदी की थाली में माल घणा तैं खाया,

पर देख सुदामा पोटली तेरा मन क्यों ललचाया ।

भाव का भूखा श्याम घनी तद देखेया नहीं दिखेगा,

पर मेरे जैसा भगत भी बाबा खोजेया नहीं मिलेगा ॥

बढ़िया बढ़िया भोग खावता सो नखरा दिखलावे,

भगत की लाज बचावण खातिर विष प्याला पी जावे ।

ऐसा प्रेमी भगता का कद सुनेया नहीं सुनेगा,

पर मेरे जैसा भगत भी बाबा खोजेया नहीं मिलेगा ॥

घणा सेठ तेरा नौकर चाकर आगे पीछे रवे,

नरसी जी का भात भरण नै तै क्यों भोजा ढोवे ।

ऐसा सेठ साँवरिया जग में भूला नहीं बुलेगा,

पर मेरे जैसा भगत भी बाबा खोजेया नहीं मिलेगा ॥

दानी और दातार सेठ में तेरा नंबर पहला,

याचक और दीन जना मे मैं नहले पे दहला ।

तैं दानी मैं दीन जेहा जोड़ा नहीं मिलेगा,

पर मेरे जैसा भगत भी बाबा खोजेया नहीं मिलेगा ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।