सिद्ध जोगी बने उसदा सहारा भगता

पारंपरिक
अन्य भजन बाबा बालक नाथ भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

पौणाहारी दे द्वारे दुःख दूर हुन्दे सारे एह्दे चरना च बड़ा है नजारा भगता,

जो भी सच्चे दिलो मने सिद्ध जोगी बने उसदा सहारा भगता जो भी सच्चे दिलो मने,

श्रद्धा दे नाल जो भी दर उते आउँन गे,

ज़िंदगी दे सुख मेरे योगी कोलो पाऊं गे,

दर कोई न थोड़ पूरी कर द्वे वे लोड,

खुला बच्या लई रखदा भंडारा भगता,

जो भी सच्चे दिलो मने......

भगता दे दिला दियां जाने मजबूरियां,

सब दियां आसा करे पौणाहारी पूरियां,

काटो रहना उदास रख योगी उते आस,

नामक चिमटे वाले दा द्याला भगता ,

जो भी सच्चे दिलो मने.......

रीठा इस्सपुरी वांगु मौजा देख लूट के,

गुफा वाले वाली उते डोरा देख सूट के,

सुनील हीर भेटा गावे अजय शुक्र मनावे,

साहनु हुन बस उस दा सहारा भगता,

जो भी सच्चे दिलो मने

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।