होली खेले नन्द लाल के बोले सारा रा रा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

राधा भी आई सखियाँ भी आई,

ग्वालन भी आये और गोपियाँ भी आई,

होली खेले नन्द लाल के बोले सारा रा रा.,

आया फागण रंग रंगीला रुत आई मस्तानी,

सांवरियां के संग में होली खेले राधा प्यारी,

कान्हा ने मारी भर पिचकारी भीगी चुनरी भीगी साडी,

राधा का किया बुरा हाल,के बोले सारा रा रा......

पीछे पीछे सखियाँ आगे आगे कन्हाई,

बोल रही है राधा रानी आई होली आई,

कान्हा को गेरा सखियों ने मिल कर,

मारी पिचकारी राधा ने कस कर के बोले सारा रा रा.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।