तैनू योगी रखना ना आया रत्नो

पारंपरिक
अन्य भजन बाबा बालक नाथ भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

घर आया रब तैथों होया पहचान नहीं,

रत्नो तू ऐवी बन बैठी अनजान नी ।

बुरा भला लोकां तो कहाया रत्नो,

तैनू पाली रखना ना आया रत्नो ।

तैनू रब्ब रखना ना आया रत्नो,

तैनू योगी रखना ना आया रत्नो ॥

जदो योगी ने अलख जगाई,

पैरी पऊए छोली बगल सजाई ।

फेर वी भेत ना तू पाया रत्नो,

तैनू योगी रखना ना आया रत्नो॥

जदों योगी ने गौआ चराईआं,

लस्सी रोटिआ कढ के दखाईआं ।

रोटीआं दा मेला ओहनू लाया रत्नो,

तैनू पाली रखना ना आया रत्नो ॥

जदों योगी ने धूना लाया,

नागा ने कित्ती उसनु छाया ।

शिवा दा दीदार ओहने पाया रत्नो,

तैनू पाली रखना ना आया रत्नो ॥

जदों योगी ने लायी उडारी,

देखे गोरख मण्डली साड़ी ।

गुफा विच्च आसान सी लाया रत्नो,

तैनू रब्ब रखना ना आया रत्नो॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।