अड़े आजा खाटू वाले विपदा पड़ गई बाहरी रे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरे भरोसे छोड़ी मैंने या जीवन गाडी रे,

अड़े आजा खाटू वाले विपदा पड़ गई बाहरी रे,

मने जोर बथेरा ला के देखा या गाडी डिग न पाई रे,

मेरे पीछे तूफ़ान चाल रहा माहरे आगे गहरी खाई रे,

तेरे सिवा न देखे कोई मेरी लाचारी रे,

अड़े आजा खाटू वाले.........

नरसी की खातिर सांवरियां कृष्णा सारथि बन आया था,

झटपट गाडी दौड़ पड़ी तने ऐसा हाथ लगाया था,

मेरी भी सूद लेले आके ओ कृष्ण मुरारी रे,

अड़े आजा खाटू वाले....

किस्मत का पहियाँ श्याम धनि गड़े में धस्ता जावे जे,

मैं किसने तेर करू प्यारे या बात समज न आवे से,

अरे हारे के साथी मैं आया इब शरणी थारी रे,

अड़े आजा खाटू वाले.......

अगर तू न आया बाबा तो मेरी होगी जगत हसाई रे,

इस कर्म की अब तो लाज प्रभु तेरे हाथो में श्याम कन्हाई रे,

सब के काज सवारे तूने इब मेनू की बारी रे,

अड़े आजा खाटू वाले........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।