इक दो तीन चार साई तेरी जय जय कार

पारंपरिक
श्री राम भजन साईं भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

सब का नारा है सब का प्यारा है साई राम,

साई तेरे दीवानो ने मिल के पुकारा है,

धर्मो को नेक बताये मालिक ये इक बताये,

साई पुकारे तुझे सारा संसार,

इक दो तीन चार साई तेरी जय जय कार,

सूंदर मुखड़ा है साई का करते है चर्चा,

सारे ही दुनिया है देखो जलवा साई का,

तेरे हम द्वारे आये चरणों में शीश झुकाये,

खोले है साई तन मन का तार,

इक दो तीन चार साई तेरी जय जय कार,

शिरडी वाला है जग रखवाला है,

साई के दर पे जाना है साई के ही गुण गाना है,

दर्शन को तेरे आये शरधा के पुष्प चढ़ाये,

साई को सारे भक्तो से प्यार,

इक दो तीन चार साई तेरी जय जय कार,

साई के दर आये है दामन फैलाये है,

साई जग से प्यारा है साई जग उजियारा है,

ग्यारा वचनो को निभाये जीवन को सफल बनाये,

साई करे गे सबका बेडा पार,

इक दो तीन चार साई तेरी जय जय कार,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।