हरी की कथा सुनाने वाले तुमको लाखों प्रणाम

पूज्य कृष्ण चन्द्र शास्त्री (ठाकुर जी)
श्री कृष्ण कथा गुरुदेव भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हरी की कथा सुनाने वाले, गोविन्द कथा सुनाने वाले,

तुमको लाखों प्रणाम, तुमको लाखों प्रणाम ।

हम भूल रहे थे वन में, बल खो बैठे थे तन में ।

प्रभु राह बताने वाले, यह राज बताने वाले,

तुमको लाखों प्रणाम ॥

लेकर विशयों का प्याला, जा रहे थे यम के गाला ।

अमृत पान कराने वाले, प्रभु सुधा पिलाने वाले,

तुमको लाखों प्रणाम ॥

तुम घट घट अन्तर्यामी, हम पतित और अभिमानी ।

प्रभु दरश कराने वाले, हरी का दरश कराने वाले

तुमको लाखों प्रणाम ॥

हम पार तेरा क्या पावें, बस सीस झुका यही गावें ।

आत्म ज्ञान कराने वाले, मुक्ति दिलाने वाले,

तुमको लाखों प्रणाम ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।