मैं खाटू जाऊँगा फागण को आने दो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मैं खाटू जाऊंगा फागन को आने दो ॥

भक्तों की होंगी कतारें मेले की होंगी बहारें,

खाटू की गलियों में देखो बाबा के गूंजे जयकारे ।

अब मैं ना मानूंगा रींगस से चलकर मैं निशान उठाऊंगा ॥

फागण को...

देखो यह शान हमारी हम हैं बाबा के पुजारी,

खाटू में बैठा है बाबा जाएंगे बन के भिखारी ।

अब मैं ना मानूंगा मंदिर में जाके मैं निशान चढ़ाऊँगा ।।

फागण को...

फागण में रंग रस बरसे प्यासा मन मिलने को तरसे,

कहता है "गिरधर" सबसे आओ निकल चलें घर से ।

अब मैं तो जाऊंगा उसको रिझाऊंगा यह गीत गाऊंगा ॥

फागण को...

शब्द रचना एवं गायक:

गिरधर महाराज

9300043737

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।