साँईं नाथ की चली पालकी गूंज रहे जयकारे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

साँईं नाथ की चली पालकी गूंज रहे जयकारे,

चलो चलो शिरडी की नगरियां साई नाथ के द्वारे,

हुए मगन साई के दीवाने झूम के दुनिया नाचे,

चले साथ में हाथी घोड़े शोभा प्यारी लागे,

लगे निरालीदेखो साई ये महाराज हमारे,

साँईं नाथ की चली पालकी गूंज रहे जयकारे,

चलो चलो शिरडी की नगरियां साई नाथ के द्वारे,

बरस रहे फूल गगन से झूमे देवता सारे,

करे वंदना साई नाथ की देखो चाँद सितारे,

हिन्दू मुश्लिम सिख ईसाई करते सेवा सारे,

साँईं नाथ की चली पालकी गूंज रहे जयकारे,

चलो चलो शिरडी की नगरियां साई नाथ के द्वारे,

बड़े दिनों के बाद दीवानो वक़्त सुहाना आया,

गली गली में साई नाथ का झंडा ये लहराया,म

कोई चूमे साई चरण को आरती कोई उतारे,

साँईं नाथ की चली पालकी गूंज रहे जयकारे,

चलो चलो शिरडी की नगरियां साई नाथ के द्वारे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।