श्याम सलोने का प्यारा श्रृंगार है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दिलवाला रंगरसिया मनबसिया बड़ा प्यारा

दिलवाला मतवाला सारे जग का उज्जियारा

श्याम सलोने का प्यारा श्रृंगार है,

कितना सुन्दर सांवलिया सरकार है ।

सजा दरबार है की छायी बहार है ।

मोर छड़ी हाथों में विराजे मोर मुकुट सिर पे है साजे ।

मोर मुकुट सिर पे है साजे-२,

कान में कुण्डल गल वैजन्ती हार है ॥

कितना सुन्दर सांवलिया...

बागा इनका बड़ा ही न्यारा जरीदार ये प्यार प्यारा ।

जरीदार ये प्यार प्यारा-२,

हीरे मोती रत्नों की भरमार है ॥

कितना सुन्दर सांवलिया...

केसर चन्दन है सुहाना खुशबू उड़े और करे दीवाना ।

खुशबू उड़े और करे दीवाना-2,

केसर के संग इत्तर की बौछार है ॥

कितना सुन्दर सांवलिया...

गेंदा और गुलाब मोगरा रजनीगंधा का है गजरा ।

रजनीगंधा का है गजरा-2,

जूही चमेली संग महके कचनार है ॥

कितना सुन्दर सांवलिया...

कलिकाल का ये अवतारी लीले की करता है सवारी ।

लीले की करता असवारी-2,

तीन बाण का ना पाया कोई पार है ॥

कितना सुन्दर सांवलिया...

बोलो जय श्री श्याम रे भक्तों 'राजू' ये कहता है सबको ।

निर्मल ये कहता है सबको-2,

श्याम नाम में ही जीवन का सार है ॥

कितना सुन्दर सांवलिया...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।