मेरे सीने में जब तक ये प्राण रहे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे सीने में जब तक ये प्राण रहे ,

खाटू वाले तेरे द्वार आता रहु,

यही गाता रहु बाबा खाटू वाले,

यही सपना है हमारा बाबा हर शहर में हो मंदिर तुम्हारा,

करता भगतो से प्यार देता दुष्टो को मार मैं तेरे दर पे सिर को झुकाता रहु.

यही गाता रहु बाबा खाटू वाले...

तेरी मूरत ये पा शान की है,

असली सूरत ये भगवान् की है,

सिर पे छत्तर विशाल गल वैजयंती माल,

मैं तुम्हे देख कर मुस्कुराता रहु,

यही गाता रहु बाबा खाटू वाले,

किया दुनिया ने मुझसे किनारा,

आके बन जाओ बाबा सहारा,

मेरी जो लाज है वो तेरे हाथ है,

सारी दुनिया ये तेरी दीवानी रहे,

यही गाता रहु बाबा खाटू वाले,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।