जब तक फागुन मेला तेरा आता नहीं

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जब तक फागुन मेला तेरा आता नहीं,

हाथो में निशान मेरे लहराता नहीं है,

न चैन मुझे नींद है आती तेरी यादे बड़ा तड़पाती,

यु तो हर ग्यारस पे मैं आता हु यु भी चाहु बाबा तुमसे पाता हु,

पर फागण में एक ही बात निराली है ग्यारस और बारस को होली दिवाली है,

इस दिन जैसा प्यार लुटाता नहीं है किरपा वैसी पुरे साल बरसाता नहीं है,

न चैन मुझे नींद है आती तेरी यादे बड़ा तड़पाती,

चार दिनों तक तेरे संग रहना कुछ कहना और कुछ सुनना,

हर पल बस तेरा ही मैं दीदार करू,इसी लिए फागण का मैं इन्तजार करू,

हर फागण पे तू चंग पे नचाता नहीं,

यो दिल मेरा यु ललचाता नहीं है,

न चैन मुझे नींद है आती तेरी यादे बड़ा तड़पाती,

चाहे तू पुरे साल भुला न भुला पर फागण का बाबा टूटे न सिलसला,

अजंलि की भाव अंजलि तू सुन ले न प्रभु,

श्याम कहे इतनी किरपा कर देना प्रभु,

पर भर भी बेटे को तू भुलाता नहीं,तेरे जैसे कोई लाड लड़ाता नहीं,

न चैन मुझे नींद है आती तेरी यादे बड़ा तड़पाती,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।