बहारों फूल बरसाओ मेरे सरकार आये हैं

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बहारों फूल बरसाओ मेरे सरकार आये है,

सजा दो घर को गुलशन सा के लखदातार आये है,

मेरे सरकार आये है,

ये बरसो की तमना थी तेरा दीदार हो जाये,

तुझे देखु तो इक पल तो सकूं इस दिल को मिल जाये,

मेरे सांसे न थम जाये मेरे सरकार आये है,

बहारों फूल बरसाओ मेरे सरकार आये हैं

बिछा दू अपनी पलको को सांवरियां तेरी राहों मे,

निहारु तुझको जी भर के वसा लू मैं निगाहो में,

उमड़ आई मेरी अँखियाँ मेरे सरकार आये है,

बहारों फूल बरसाओ मेरे सरकार आये हैं

तेरे चरणों में मेरे श्याम बहादो प्रेम का सागर,

सताता है ये डर मुझको चला जाये न तू आकर,

है तुम पर यही ठहर जाओ मेरे सरकार आये है,

बहारों फूल बरसाओ मेरे सरकार आये हैं

सजाया है बड़े दिल से तेरे दरबार को बाबा,

तेरा गुण गान करता हु तेरी महफ़िल में मैं बाबा,

ये धड़कन रांगनी गाये मेरे सरकार आये है,

बहारों फूल बरसाओ मेरे सरकार आये हैं

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।