चंगे लग दे नहीं जग दे झमेले

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

चंगे लग दे नहीं जग दे झमेले,

मैया जी मैनु लाओ चरनी

किते हो न जान बोहते ही कवेले,

मैया जी मैनु लाओ चरनी

दुनिया दा दामूहि मैनु नोच नोच खा रही,

आपो आपने ही एह राग गा रही,

ब्लडी बहजाउनी जरूर तेल एह पा रही,

घोर काल छाया आगे कैसे वेले,

मैया जी मैनु लाओ चरनी,

जन्म अंमुला माये चोरा ने खा लेया,

पंजा डाकुआ ने माये जाल ऐसा पा लेया,

आर दे न पार दे मंदडॉ ही हाल आ,

दुःख पहला तो वजीर दे सखेले,

मैया जी मैनु लाओ चरनी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।