साई रहमो नजर जो न की ना

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॥ पावन पाठ ॥

साई रहमो नजर जो न की ना दीवाना कुछ कर जायेगा,

पड़ा अश्को जो मुझे पीना दीवाना कुछ कर जायेगा,

मेरी सांसो में महक है तुम्हारी,

मेरे सपनो में भी झलक है तुम्हारी,

रातो का सकून जो न दीना,

दीवाना किस जायेगा,

तेरा बंदा तुझे यु पुकारे,

किसे कहु अपना सिवा मैं तुम्हारे,

तूने मेरी खबर जो न ली ना,

दीवाना तेरा मर जायेगा,

साई रहमो नजर जो न की ना

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।