गोरा केहन्दी नचो नचो आज शिवराति

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

गोरा दी सखियाँ ने आके सुनाया,

लाडे तेरे ने आके हाल की बनाया,

भुत ते प्रेत लेके आया है बाराती,

गोरा केहन्दी नचो नचो आज शिवराति,

सारेया ने नच नच भंगड़े भी पाये ने,

भंगा दियां बोरियां भी नाल लेके आये ने,

लग दा बारात जीवे सजे कायनाती,

गोरा केहन्दी नचो नचो आज शिवराति,

केहन्दियाँ बरतियाँ तेरे सब कुछ खा गये,

भूत ते प्रेत भी बाराती बन आये गये,

देवते भी ओहना दे ही बने होये साथी,

गोरा केहन्दी नचो नचो आज शिवराति,

पंकज नागियां ने किता गुणगान वे,

लिखदी शिवानी कर भोला जी दा ध्यान वे,

शिव जी है दीवा गोरा ओहना दी है बाती,

गोरा केहन्दी नचो नचो आज शिवराति,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।