कार दे विच बै के सतगुरु सजदे ने

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन गुरुदेव भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

कार दे विच बै के सतगुरु सजदे ने,

कुल दुनिया दे मालिक प्यारे लगदे ने,

कार दे विच बै के सतगुरु सजदे ने,

कुल दुनिया दे मालिक प्यारे लगदे ने,

तू क्यों जुदाईया पाईया,

हुण आ मिल मेरे या साईंया,

तू क्यों जुदाईया पाईया,

हुण छड़ दे बेपर वाईया नैन नई रजदे ने,

कुल दुनिया दे मालिक प्यारे लगदे ने,

कार दे विच बै के सतगुरु सजदे ने,

कुल दुनिया दे मालिक प्यारे लगदे ने,

तेरी काली है रकाबी,

मेरा सतगुरु जट पंजाबी,

मेरा सतगुरु जट पंजाबी नैन नई राजदे ने,

कुल दुनिया दे मालिक प्यारे लगदे ने,

कार दे विच बै के सतगुरु सजदे ने

कुल दुनिया दे मालिक प्यारे लगदे ने

तेरा खुला खुला कुरता,

तेरी चाल बड़ी मस्तानी,

तेरा दर्शन करने को,

मै दोडी आई दीवानी नैन नई राजदे ने,

कुल दुनिया दे मालिक प्यारे लगदे ने,

कार दे विच बै के सतगुरु सजदे ने,

कुल दुनिया दे मालिक प्यारे लगदे ने,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।