साडा आज भी तू है योगी कल भी तू है

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॥ पावन पाठ ॥

साडा आज भी तू है योगी कल भी तू है,

साडी हर मुश्किल दा हल भी तू है,

साडा आज भी तू है योगी कल भी तू है,

साडी ज़िंदगी दी तेरे हाथ डोर जोगियां,

साडा तेरे तो वैगैर न कोई होर जोगियां,

साडे नाल नाल रेह्न्दा हर पल तू है,

साडी हर मुश्किल दा हल भी तू है,

साडा आज भी तू है योगी कल भी तू है,

साड़ी कामयाभी पीछे हाथ तेरा योगियां,

किवे भूल जाइये दिता तू बथेरा योगियां,

बहके मोर उते आवे साढ़े वल भी तू है,

साडी हर मुश्किल दा हल भी तू है,

साडा आज भी तू है योगी कल भी तू है,

साहनु सेवादार अपने बना के रखना,

सोनी सौरव नु चरनी लगा के रखना,

उस अम्ब्रा च तू है विच जल भी तू है,

साडी हर मुश्किल दा हल भी तू है,

साडा आज भी तू है योगी कल भी तू है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।