हम दादी वाले हैं सुनो जी हम दादी वाले हैं

सौरभ मधुकर
अन्य भजन रानी सती दादी भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

दीवाने हैं दादी के,हम तो मतवाले हैं

हम दादी वाले हैं,सुनो जी हम दादी वाले हैं

दादी जी की फ़ौज भगतों रहती हरदम मौज में

रखा है झुझनवाली ने हमको अपनी गोद में

लाख मुसीबत आये,हम ना डरने वाले हैं

क्यूंकि दादी वाले हैं...सुनो जी हम दादी वाले हैं...

तूफ़ान आये संकट के

चाहे हो गम के आंधी

सर पे चुनड़ी डाल के मेरे पास खड़ी है दादी

दादी के आँचल के हम तो फूल निराले हैं

क्यूंकि दादी वाले हैं...सुनो जी हम दादी वाले हैं...

सौरभ मधुकर की मानो यूं भटको ना दीवानो

ये जग की जननी है,महिमा दादी की पहचानो

खुल जाते पल भर में यहाँ तकदीर के ताले हैं

तभी तो हम दादी वाले हैं...हम दादी वाले हैं...

दीवाने हैं दादी के,हम तो मतवाले हैं

हम दादी वाले हैं,सुनो जी हम दादी वाले हैं

संपर्क - +919830608619

गीतकार - सौरभ मधुकर

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।