मेरे घर में जो कुछ भी है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ना मेरी तकदीर का ना सारे जहान का,

मेरे घर में जो कुछ भी है दियां हुआ है श्याम का,

दभी पड़ी है झोपडी बाबा के एहसान से,

भरा पड़ा है घर मेरा बाबा के समान से,

रोम रोम मेरा कर्ज दार है बाबा के एहसान का,

मेरे घर में जो कुछ भी है दियां हुआ है श्याम का,

खाटू जाने से पहले खाली हाथ हमारे ये,

हाथ लगा सब कुछ मेरे जब चौकठ के सवाली थे,

बना भिखारी मैं इस के खाटू धाम का,

मेरे घर में जो कुछ भी है दियां हुआ है श्याम का,

जो किस्मत से हारे है हालत से मजबूर है,

साथ निभाये हारे का ये इसका दस्तूरर है,

बाबा तेरी किरपा से जीवन है अब आराम का,

मेरे घर में जो कुछ भी है दियां हुआ है श्याम का,

अगर दोबारा जन्म मिले याद रहे मुझे श्याम की,

ये कुटियाँ मोहताज रहे बाबा के श्याम की,

वनवारी जवाब नहीं है श्याम तुम्हारे दान का,

मेरे घर में जो कुछ भी है दियां हुआ है श्याम का,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।