याद आई मेरे श्याम तेरी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन दुर्गा भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

याद आई मेरे श्याम तेरी जो हम निकले दर छोड़ के,

आगे की श्याम समबालो तेरे दर पे दीवाने आ गये,

खाटू की नगरिया में हो रही जय जय कार है,

भगति से भरे सारे करे इंतज़ार ही,

नाचे सारे दरबार में श्याम तेरी मनुहार में,

याद आई मेरे श्याम तेरी..

हाथो में निशान लेके आया दरबार में,

फूलो वाली माला लाया मेरे सर्कार मैं,

करले कर ले हर बार रे मेरी विनती स्वीकार रे,

याद आई मेरे श्याम तेरी.....

माया तेरी श्याम कोई समज न पाया,

किसी को हसाया श्याम किसी को रुलाया,

सुन ले सुन ले दातार रे हम आये तेरे द्वार रे,

याद आई मेरे श्याम तेरी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।