द्वारका माई मजिद करदी

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॥ पावन पाठ ॥

द्वारका माई मजिद करदी,

मंदिर कर दियां काबा,

अजब निराले खेल तिहारे ओ मेरे साईं बाबा,

साईं बाबा साईं बाबा

घनी अँधेरी रातो में पानी से दीप जलाये,

बरसों के बिशडो को साईं बाबा दे मिलाये,

साईं बाबा साईं बाबा......

कितने भी गमो के साये तुझको गेरे बंदे,

सोच फिकर अब छोड़ दे आजा साईं शरण तू लेले,

साईं बाबा साईं बाबा.....

सब के अमंगल हरने वाले,

साईं मंगल कारी हम को शरण में लेलो बाबा चरण कमल बलिहारी,

साईं बाबा साईं बाबा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।