तेरे दर आया गोगा जी

पारंपरिक
अन्य भजन विविध भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

तेरा द्वारा घणा से प्यारा, जगत ते न्यारा मैं देखण आग्या गोगा जी,

मैं दर-दर ठोकर खाकर, तेरे दर आगया गोगा जी,

दुनिया के में डंका बाजें लीला सबते न्यारी,

मेरे करदे दुखड़े दूर हो बाबा शेष नाग अवतारी,

मैं आया शरण, मैंने राख चरण, दर भाग्या गोगा जी,

गुरु गोरख का चेला हो बाबा, जग की आंख तारा,

जेवर सिंह पूत लाडला, मां बाछल का प्यारा,

तेरी पूजा हो घर घर में, देश नगर में, मैं सुन आग्या गोगा जी,

नीले घोड़े की असवारी, नेजा रखें हाथ में,

नरसी पांडा, बाला भांजा, भज्जू भी चले साथ में,

हो वीर जाहर, तेरा सच्चा द्वार, मन्न भाग्या गोगा जी,

लाखों की संख्या में संगत, दर तेरे पे आवे,

हो अन्तर्यामी गोगा जी, तू सबके कष्ट मिटावा,

मेरे दिल में, जिगर में, मन- मंदिर में छाग्या गोगा जी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।