सतगुरु तेरे चरणों में दो फूल चढ़ाने आया हु

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन साईं भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

सतगुरु तेरे चरणों में दो फूल चढ़ाने आया हु,

बाबा तेरे चरणों में दो फूल चढ़ाने आया हु,

फूल नहीं ये दिल है मेरा तुझको चढ़ाने आया हु,

सतगुरु तेरे चरणों में दो फूल चढ़ाने आया हु,

तन मन धन से अर्पण करने फूल जो ये मैं लाया हु,

सतगुरु तेरे चरणों में दो फूल चढ़ाने आया हु,

कोई न मेरा इस जगती में तेरे सहारे आया हु,

सतगुरु तेरे चरणों में दो फूल चढ़ाने आया हु,

तुम ही मेरे माता पिता हो तुम ही मेरे बंधू सखा हो

सतगुरु तेरे चरणों में दो फूल चढ़ाने आया हु,

कितने नाते तुमसे जोड़े कोई ता नाता मुझ संग हो,

सतगुरु तेरे चरणों में दो फूल चढ़ाने आया हु,

मर जाउगा मिट जाउगा साथ तेरा जो ना पाउ,

सतगुरु तेरे चरणों में दो फूल चढ़ाने आया हु,

सेवक तुम्हारा बन जाऊ मैं यही प्रतिज्ञा करता हु,

सतगुरु तेरे चरणों में दो फूल चढ़ाने आया हु,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।