कजरारे तेरे नैन

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे दिल को चुराये जाए कजरारे तेरे नैन,

कजरारे तेरे नैन मतवाले तेरे नैन,

मेरे होश उड़ाये जाये तेरे कजरारे नैन,

कजरारे तेरे नैन..........

तेरे नैनो का मनमोहन छाया नशा है,

देखे तुझे जो वो होता फ़िदा है,

मेरा दिल धड़काये जाये,

तेरे कजरारे नैन,

तेरी आखियो का मोहन जादू बड़ा है,

तेरे मिलन को ये दिल जिद पे अड़ा है,

मेरे होश उड़ाये जाये तेरे कजरारे नैन,

कजरारे तेरे नैन...

तेरे नैनो से मन मोहन बहे रस की धार है,

मिल जाये किरपा जिसे वो होता मालामाल है,

पागल सा बनाये जाये कजरारे तेरे नैन,

कजरारे तेरे नैन,

तेरे नैनो की तीखी कजरे की धार है,

देखे तुझे जो दिल बैठा हार है,

मेरे दिल में समाये जाये,

कजरारे तेरे नैन,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।