मेरी खुला लोटरी बाबा दर पे धूम मचाऊगी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मैं बड़ी दूर से आई मैं हरयाणे से आई,

मैं खाली हाथ न जाऊगी,

मेरी खुला लोटरी बाबा दर पे धूम मचाऊगी,

कमी नहीं तेरे भंडारे में कहती दुनिया सारी,

कद की देखु बाट संवारा कद आवे मेरी वारी,

तू सबसे देव निराला मेरा खोल कर्म का ताला,

नहीं तो मैं शोर मचाऊगी,

मेरी खुला लोटरी बाबा दर पे धूम मचाऊगी,

महंगाई में बाबा घर का बाबा को न चले गुजारा,

मैं भूखी बालक भूखे तने पावे कुनबा सारा,

देख इसा मार दे सोटा मेरा दूर भाग जाये टोटा मैं फूली नहीं समाउ गी,

मेरी खुला लोटरी बाबा दर पे धूम मचाऊगी,

ईशा पूरी होगी तो तेरे दर पे पैदल आउ,

चौबीस केरट सोने का मैं तेरे छतर चड़ाउ,

आगे सब तेरी मर्जी ये भीम साइन की अर्जी,

के भीम साइन की अर्जी नीलम गुण तेरे गायेगी,

मेरी खुला लोटरी बाबा दर पे धूम मचाऊगी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।