दर्शन देने आजा मेरे भोले

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

दर्शन देने आजा मेरे भोले,.

महाशिव रात्रि का है मेला सब मंदिर तेरा सजाते,

भक्तो की भीड़ है भारी सब दर्शन करने आते,

मुझे आँखों में वसा ले मुझे दिल से लगा ले,

बाबा भोले जोगियां तुझे दिल दे दिया सब के शिव जोगियां,

द्वारे पे तेरे बैठे है हम आये है कितनी देर से,

भोले तू सबको तार दे सबपे आँखे फेर दे,

नील कंठ महादेव प्रभु तुम हो सब के स्वामी,

तेरी लीला अपराम पार तुम हो अंतर यामी,

भक्त तेरे हितकारी तुम हो शिव त्रिपुरारी ज़हर पीते भंगियाँ,

तुझे दिल दे दियां सब के शिव जोगियां,

हाथो में डमरू आप के गर्दन में कला नाग है,

गोरी गणेश साथ है कार्तिक नन्दी भी साथ है,

बेल पत्र और दतुर चढ़े पुष्पन के हार,

भक्त करते जला अभिषके प्रभु से मिलता प्यार,

सब का उधार करते सभ की झोलियाँ भरते बाबा भोले जोगियां,

तुझे दिल दे दियां सब के शिव जोगियां,

महाशिवरात्रि का दिन है तेरा रूप है निराला,

आज पावन पर्व त्यौहार है सुनते सबकी डमरू वाला,

सारे यहां को भूल के तेरे दरबार आ गये,

भजन कीर्तन गा कर तुझको हम मना रहे,

सब के सपने जगा दे सब को अपना बना दे,

मेरे भोले जोगियां तुझे दिल दे दियां,

जे धरती चाँद सितारे ये नदियां पवन घटारे,

मिट जायेगा सारा यहां रे बस भक्ति रहे गी सदा रे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।