जब से पकड़ा है बाबा ने हाथ मेरा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जब से पकड़ा है बाबा ने हाथ मेरा,

मुश्किलों की मुझे अब परवाह नहीं,

सारे काँटों के पते है अब फूलो भरे,

अब किसी और के दर पे भटकना नहीं,

जब से पकड़ा है बाबा ने हाथ मेरा

ज़िंदगी में बहुत मैंने है सहे,

सारे गम तेरे दर पर है आके थमे,

तेरी रेहमत का मुझ पे हुआ ये असर.

तू जो रूठा तो रूठेगी किस्मत मेरी,

एह दुआ की वो पल न आये कभी,

जब से पकड़ा है बाबा ने हाथ मेरा,

दुनिया दारी की मुझको नहीं है समज,

करते है दगा मेरे अपने हि सब,

आ गई छोड़ दुनिया मैं तेरी शरण,

सँवारे जो पड़ी मुझपे तेरी नजर,

और किसी के नजर में अब रहना नहीं ,

जब से पकड़ा है बाबा ने हाथ मेरा

बस यही दिल की है प्राथना सँवारे ये मनीश की है कामना सँवारे,

तेरे चरणों की सेवा ये मिलती रहे,

मेरी दुनिया यही मेरी जनत यही छोड़ दर को तेरे अब न जाना कही,

जब से पकड़ा है बाबा ने हाथ मेरा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।