मन को बता दिया है दुनिया है आणि जानी

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॥ पावन पाठ ॥

अगर फैसला लिया है साई की भक्ती पानी,

मन को बता दिया है दुनिया है आणि जानी,

आ द्वार पे खड़ा हु,आका निहार मेरे,

हे नाथ ज़िंदगी के भर देना सब अँधेरे,

दीपो से अब से मेरी दुनिया है जिलमिलानी,

मन को बता दिया है दुनिया है आणि जानी,

संसार में विरहा है शांति की न जगह है,

साई वो दान देदो खुशियों की जो वजह है,

बस आरजू है इतनी दुनिया नहीं लड़ानी,

मन को बता दिया है दुनिया है आणि जानी,

रौनक तुम्ही से जग में,

रोशन है हर दिवाली,

साई दया से होली या ईद फिर मना ली

जलवा है तेरा दाता ये तेरी मेहरबानी,

मन को बता दिया है दुनिया है आणि जानी,

तुम हो दया के सागर देना है बस किनारा,

आये है दर पे बाबा लेना है बस सहारा,

करदो दया गोसाई न देर है लगानी,

मन को बता दिया है दुनिया है आणि जानी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।