श्याम धनी की किरपा जिसपर रहती है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्याम धनी की किरपा जिसपर रहती है,

उस के घर में सुख की गंगा बहती है,

पूछ लो चाहे जा कर इस से भक्तो से मैं नहीं कहता सारी दुनिया कहती है,

श्याम धनी की किरपा जिसपर रहती है,

प्रेम से जिसने भी बाबा को पुकारा है,

श्याम ने आकर दियाँ उसको सहारा है,

श्याम हवाले जिस की नैया चलती है,

उस के घर में सुख की गंगा बहती है,

श्याम धनी की किरपा जिसपर रहती है,

श्याम के चरणो मे तीर्थ धाम है सारे,

है यही पर स्वर्ग आ कर देख ले प्यारे,

श्याम की सूरत जिस के दिल में वस्ती है,

उस के घर में सुख की गंगा बहती है,

श्याम धनी की किरपा जिसपर रहती है,

श्याम का भजन यहाँ गुणगान होता है,

उस घर का रक्शक तो बाबा श्याम होता है,

जिस के घर में ज्योत श्याम की जलती है,

उस के घर में सुख की गंगा बहती है,

श्याम धनी की किरपा जिसपर रहती है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।